Cross_Rule

Dard Bhari Sayari

रख सको तो एक निशानी हैं हम,
भूल जाओ तो एक कहानी हैं हम,
खुशी की धूप हो या गम के बादल,
दोनो में जो बरसे वो पानी हैं हम...


जाओ जिंदगी से कह दो,
हमने जीना छोड़ दिया है,
अब हम बोतल से पीते है,
उनकी आँखों से पीना छोड़ दिया है.

उनकी आँखों में अजीब सा नूर है,
उनकी याद में रोना भी मंजूर है,
उन्हे तो बेवफा भी नही कह सकते,
क्यू की प्यार तो हमने किया, वो तो बेकसूर है.

वक़्त के मोड़ पे ये कैसा वक़्त आया ,
ज़ख़्म दिल का ज़ुबाँ पर आया ,
न रोते थे कभी काँटों की चुभन से,
आज न जाने क्यों फूलों से रोना आया।

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तुम बस उलझे रह गए हमें आजमाने में,
और हम हद से गुजर गए तुम्हें चाहने में।
तुम बस जीते रहे अपनी ही धुन मे
हमने सारी उम्र गुज़ार दी सिर्फ़ तुम्हे पाने मे
जब्त कहता है खामोशी से बसर हो जाये,
दर्द की ज़िद है कि दुनिया को खबर हो जाये।
तेरे बिन कबिरस्तान सा हो गया ये गुलशन
बस अब जल्दी से ख़त्म ये साँसों का सफ़र हो जाये।
चाहत की राह में बिखरे अरमान बहुत हैं,
हम उसकी याद में परेशान बहुत हैं,
वो हर बार दिल तोड़ता है ये कह कर,
मेरी उम्मीदों के अभी मुकाम बहुत हैं।
मिले न फूल तो काँटों से जख्म खाना है,
उसी गली में मुझे बार-बार जाना है,
मैं अपने खून का इल्जाम दूँ तो किसको दूँ,
लिहाज ये है कि क़ातिल से दोस्ताना है।


हमारी ज़िंदगी एक शीशे की तरह है,
हमेशा लोग देख कर चले जाते है,
गुस्से मे टुकड़े हमारे करते है,
और एक हम है जो टुकड़ो मे भी उनको दिखाते है.


वक़्त के मोड़ पे ये कैसा वक़्त आया ,
ज़ख़्म दिल का ज़ुबाँ पर आया ,
न रोते थे कभी काँटों की चुभन से,
आज न जाने क्यों फूलों की खुशबू से रोना आया।




बैठूँगा जब तन्हाई में तो ये दिल उदास हो जाएगा,
ना चाहते हुए भी मुझे तेरा प्यार याद आएगा,
अभी माँगते हैं जिन्हे हम दिन रत अपनी दुआओं में,
एक दिन मेरी कयनाथ वो किसी को बिन माँगे मिल जाएगा.


दर्द कितना है बता नहीं सकते,
ज़ख़्म कितने हैं दिखा नहीं सकते,
आँखों से खूद समझ लो..
आँसू गिरे हैं कितने गिना नहीं सकते।


रोया हूँ बहुत तब जरा करार मिला है,
इस जहाँ में किसे भला सच्चा प्यार मिला है,
गुजर रही है जिंदगी इम्तिहान के दौर से,
एक ख़तम तो दूसरा तैयार मिला है।


तुझको इज़हारे मोहब्बत से अगर नफ़रत है
तूने होंठों को लरज़ने से अगर ना रोका होता,
और हौसला तुझमे ना था, मुझसे जुड़ा होने का
वरना काजल तेरी आँखों से ना फैला होता.
दिले उम्मीद तोड़ा है किसी ने
और सहारा दे कर छोड़ा है किसी ने,
और मैं उन सिशा कारीगरों से पूंछता हूँ
क्या टूटा दिल जोड़ा है किसी ने
ना मंज़िल है ना मंज़िल का निशान है
ये कहा पर ला कर छोड़ा है किसी ने.

मौसमे - बहारा की हर अदा सताती है
फूल जख्म देते है और चाँदनी सताती है
कारवाँ से मंज़िल तक कुछ नज़र नही आता
जब किसी मुसाफिर की साँस रुक जाती है
अपनी आँखों मे छुपा रखे है जुगनू मैने
मुझे दर्द-ए-इस्क़ का हर मज़ा मालूम है
जिंदगी भर मुस्कुराने की दुआ मत कीजिए
मुझे पल भर मुस्कुराने की सज़ा मालूम है
जान कर भी वो हमे जान ना पाए,
आज तक वो हमे पहचान ना पाए,
खुद ही कर ली बेवफ़ाई हमने उनसे,
ताकि उन पर कभी बेवफ़ाई का इल्ज़ाम ना आए.






1 comment:

  1. Thank you for providing different kind of shayari which could be send via SMS or Whatsapp.Its a wonderful treat for all the shayari lovers indeed.

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